Saturday, 21 February 2026

कुछ अल्फ़ाज़ मेरी कलम से

हमने तुमको चाहा इस कदर, हम लफ्जों में बया ना कर पाएं।
तुम तो कह गये अपने दिल का हाल और हम कुछ ना कह पाए।
😍😍😍😍😍😍😍
मेरा दिल मेरे साथ ही बेइमानी करता हैं। धड़कता मेरे अंदर है,
तड़पता किसी और के लिए हैं।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
कुछ गहरा सा लिखना था, 
             इश्क से ज्यादा क्या लिखूँ..?

कुछ ठहरा सा लिखना था, 
                दर्द से ज्यादा क्या लिखूँ..?

कुछ समन्दर सा लिखना था, 
             आँसू से ज्यादा क्या लिखूँ..?

कुछ अपना सा लिखना था, 
            आँखो से ज्यादा क्या लिखूँ..?

कुछ खुशबू सा लिखना था, 
           किरदार से ज्यादा क्या लिखूँ..?

सुनो, अब जिन्दगी लिखनी है, 
                   तुमसे ज्यादा क्या लिखूँ..? 💕
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
तुम्हें कभी पूरा लिखूँ कभी अधूरा लिखूँ
मैं रातों में बैठकर तुम्हें 'सवेरा' लिखूँ..

मैं जब भी लिखूँ बस इतना लिखूँ
 मुझे 'तेरा' और तुझे 'मेरा' लिखूँ

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